इतिहास अध्ययन सम्बन्धी भ्रांतियाँ और इसका महत्व
इतिहास अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण अध्ययन का विषय है, परन्तु
सामान्यतः छात्र इसे व्यर्थ और अनुपयोगी विषय मानते है और इसके अध्ययन को गड़े
मुर्दे उखाड़ने जैसे कार्य की संज्ञा देते है.
छात्र इतिहास और एतिहासिक घटनाओं के अध्ययन में तिथियों का अत्यधिक महत्त्व
मानते है. इसी तरह छात्रों में इतिहास को
अवधारणा आधारित विषय न मानते हुए इसे तथ्यात्मक और रटंत विद्या मानने की प्रवृति
पायी जाती है. साथ ही साथ इतिहास को लोग सामान्यतः एतिहासिक घटनाओ का संग्रह ही
मानते है. जबकि यह सब इतिहास विषय सम्बन्धी भ्रान्तिया मात्र ही है और इतिहास विषय
की प्रकृति और उसके क्षेत्र के बारे में उनकी अज्ञानता इतिहास विषय की रोचकता
औरउसके अध्ययन के वास्तविक लाभ से उनको वंचित रखती है.
वास्तव में इतिहास विषय का अध्ययन हमें हमारी प्राचीन उपलब्धियों से
अवगत कराता है किभारत पूर्व में विज्ञान और दर्शन की विभिन्न विधाओं में अग्रणी था
और उसे विश्व-गुरु का दर्जा प्राप्त था. भारतीय मलमल, सूती रेशमी और ज़री के कपडे
और इस्पाती तलवारों की मांग सम्पूर्ण विश्व में थी तथा विदेशी निर्यात से आने वाले
अकूत धन के कारण भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था. इस तरह हमारे गौरवपूर्ण अतीत
का अध्ययन हमें सदैव आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. यह हमें प्रेरित करता है की यदि
अतीत में भारत विश्व का पथ-प्रदर्शक बन पाया था तो आज के विश्व में यह सकारात्मक
भूमिकानहीं निभा पायेगा, इसका कोई कारण नहीं है. विष्णु पुराण में भारत भूमि की
गौरव-गाथा एवं उसके विस्तार का वर्णन मिलता है. जिससे राष्ट्रके नागरिकों में.
सह-अस्तित्व, विविधता में एकता और राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास होता है.
इतिहास का अध्ययन न सिर्फ अतीत में हमारी रूचि जागृत करता है वरन
ज्ञान का श्रोत भी उपलब्ध कराता है. यह हमें अपनी सीमाओं की रक्षा की अनदेखी के
खतरों से आगाह कराता है. ये हमें बताता है की वे मूर्खतायें नहीं करनी चाहिए, जिनके
दुष्परिणामों को हम अतीत में भुगत चुके है. इस प्रकार इतिहास हमारा मार्गदर्शन
करता है और आज का समाज अतीत के अनुभवों से व्यापक लाभ उठा सकता है.
इतिहास को एक अध्ययन के विषय के रूप में समस्त विषयों की जननी कहा
जाता है. जहां अन्य विषयों के अध्ययन के आरम्भ का काल सुनिश्चित किया जा सकता है,
वहीं इतिहास का अध्ययन शिक्षा के आरंभिक काल से ही हो रहा है तथा अन्य विषय इतिहास
से ही उदभूत है. इतिहास के अध्ययन से हमें. अनेक आधुनिक भाषाओं और लिपियों के
विकास की जानकारी मिलती है. इतिहास के क्रमागत अध्ययन से ही स्पष्ट है कि प्रायः
सभी उत्तर भारतीय भाषाओं की उत्पत्ति संस्कृत भाषा से हुयी है.
इतिहास मानविकी विषय का अंग होने के कारणव्यक्ति में मानवीय और
सामाजिक गुणों का विकास करता है तथा व्यक्ति का समाज और वाह्य संसार से तादात्म्य
एवं समायोजन करता है. इतिहास के अध्ययन से हमें उन शक्तियों कापता चलता है
जिन्होंने भारतीय समाज को एक सांचे में ढ़ालकर आज की स्थिति में पहुँचाया और इससे
हमेंअपने वर्तमान को समझने और भविष्य को संवारने के लिए भी मार्गदर्शन प्राप्त
होता है.
इतिहास के अध्ययन से हमें नैतिक शिक्षा भी मिलती है. विभिन्न
एतिहासिक ग्रंथो में वर्णित घटनाओं से स्पष्ट होता है की शासक जब अधर्म के पथ पर चलते है तो उनका विनाश
होता है और अंततः धर्म की विजय होती है. महाकाव्यों, वेदों और वेदांगो में वर्णित
सूक्ति-वाक्य हमेंसदैव प्रेरणा, प्रोत्साहन और मार्गदर्शन देते है ताकि हम सदैव
न्याय का अनुशरण कर सकें.
वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सबसे महत्वपूर्ण इतिहास का अध्ययन इसका
रोजगारपरक होना है. इतिहास का अध्ययन हमारे सामान्य ज्ञान को संवर्धित करता है.
इससे जहाँ हम रोजगारपरक प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सरकारी व्
गैर-सरकारी सेवाओं में जा सकते है वहीं अंतर्राष्ट्रीय संबंधो के निर्धारण में भी
इतिहास महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है. बिना एतिहासिक ज्ञान के वैदेशिक संबंधो का
संचालन सुगमता से नहीं किया जा सकता. एक विदेश सेवा के अधिकारी के लिए इतिहास विषय
का ज्ञान अपरिहार्य है बिना इसके राष्ट्र
की विदेश नीति सफल नहीं हो सकती. इतिहास का ज्ञान व्यक्ति के व्यक्तित्व का
निर्माण और उसका परिष्कार करता है. इतिहास के ज्ञानार्जन से जहाँ सामाजिक सम्मान
और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है वहीँ विभिन्न प्रश्नोत्तरी आधारित कार्यक्रमों जैसे-
कौन बनेगा करोड़पति आदि में शामिल होकर या प्रतिभागियों का सहयोग कर धनार्जन और यश
की प्राप्ति की जा सकती है.
लेखन:
अम्बरीश कुमार गुप्ता
प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय राजकोट, गुजरात

great effort brother. Society need to sensitise History as a part of our life
ReplyDeleteAwesome article sir.
ReplyDeleteSir... Akdm correct bat hai jo history ko boring smjhte Usme unki glti nhi unhe aap jaisa teacher hi nhi mila hoga kbhi jo itna interesting bna de hr topic... We are thankful to uh sir.. Jo hmare teacher ap hai😊😊🙏🙏
ReplyDeleteBahut badiya sir....
ReplyDeleteGrt work sir👍
ReplyDeleteAppropriate and relevant interpretation and understanding of history
ReplyDelete...well done sir
सटीक एवं तथ्यात्मक विश्लेषण के लिए आप साधुवाद के पात्र हैंं।
ReplyDeleteGood knowledgeable
ReplyDeleteGood article indeed.
ReplyDeleteआपके मत से बिल्कुल सहमत होते हुए मुझे बस इतना कहना है सर कि भारत और भारतीयों को नीचा दिखाने के लिए भारतीय इतिहास को इस तरह तोड़-मरोड़ कर लिखने का भी प्रयास किया गया कि हम भारतीय अनेक ऐतिहासिक तथ्यों से आज भी अनभिज्ञ हैं।
ReplyDeleteसही है सर... लेकीन हमें यह भी समाझना होगा की पहले पहल तो भारत का इतिहास लिखने वाले भारत के इतिहासकार नही थे. बहूत से इतिहासकारों ने अपने अपने व दृष्टिकोण से अपनी कलम चलाने का प्रयास किया गया हैं. हमें बस कासी एक इतिहासकार पक्ष लेकर या सिर्फ उसी पर निर्भर हो कर इतिहास का अध्ययन नही करना चाहिए.
Deleteसही कहा सर आपने. इतिहास को ले कर नयी पिढी़यों में ज्यादातर अरुची ही देखने को मिलती. जैसे के आपने अपने लेखन में जो शुरुआत में ही लिखा हैं बहूत से छात्र इतिहास के विषय मे यही मानते हैं की "यह एक गढे़ मुर्दों को उखाडने जैसा हैं!" और सर यह प्रवृत्ती दिनोदिन बढ़ती जा रही हैं... हालाकी आप और हम सब मिलकर इस प्रवाह जरुर मोड सकते हैं. आपका लेखन अच्छा लगा. लिखते रहिये ताकी हमें भी इतिहास के विषय में नया दृष्टिकोण मिलेगा...
ReplyDeleteVery nice sir, specially for history teacher,how to history in class ,it inhance our new attitude toward history ,
ReplyDeleteWithout history it is tough to make nation great,
We are waiting your more blogg sir
Great effort
बिल्कुल सटीक अभिव्यक्ति।
ReplyDeleteNice article sir..We are waiting for new one
ReplyDeleteThnk u sir for sharing your knowledge n vision abt history to us...waiting for ur nxt articles.
ReplyDeleteCommendable initiative. Very useful and relevant content.
ReplyDeleteCommendable initiative. Very useful and relevant content.
ReplyDeleteSir, you have highlighted the reality,which increased our National pride
ReplyDeleteGreat work...It would definitely be a great help👍👍
ReplyDeleteआप का लेख सटीक, सारगर्भित, प्रासंगिक और सामयिक है।
ReplyDeleteधन्यवाद
मु जाहिद अन्सारी
के वि आर के पुरम दिल्ली
Sir,it's pretty impressive and inspiring too! I look forward to your writing.
ReplyDeleteGood work......really i'formative.....
ReplyDeleteइतिहास विषय के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रोत्साहन देने वाले इस लेख के लिए बहुत धन्यवाद!
ReplyDeleteVery nice article sir. History is really very interesting and innovative. For a better future in all respects, we have to learn from our past. I'm thankful that I got an opportunity to learn from you.
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